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Showing posts with the label Hindi poetry

मेरा भारत महान, पर नहीं चाहिए अब कोई एहसान

क्या हो तुम

धूप का टुकड़ा

नयी इबारत

ज़रूरी नहीं, नियति से पहले ही मर जाना।

Check And Mate

डर की कोई उम्र, कोई जेंडर नहीं होता

Sadabahar

ज़ुबानें

तुम कब लौटोगे?

Tum Laut Aana Jaldi

मुझे खुद अपनी ज़रूरत है!

नया सियापा

विकास तो होना ही चाहिए!

फूल इक गुलाब का

अबकी बार बिहार में किसकी सरकार?

पारिजात

डर

बारिश

कुहसायी रात