Sunday, 5 April 2015

Fair And Lovely

फेयर एंड लवली

वो थी एक ख़ूबसूरत लड़की
फेयर एंड लवली सी,
भोली-भाली और कुछ शरमाई सी,
संजोये थे जिसने चंद सपने बचपन से,
सब की तरह कुछ बनने-बनाने के,
कुछ ट्रॉफी और कप जीत के लाने के,
और वाक़ई सच हुए उसके सपने सारे,
कप भी मिले,
सोलह साल की बाली उम्र में
शादी के बाद कप भी मिले ढेर सारे,
और मिले धोने को प्लेट्स-ग्लास-चम्मच-कटोरे,
तवा, चकला-बेलन, कढ़ाई-कुकर,
पंद्रह सदस्यों के परिवार के लिए
चार वक़्त चाय-खाना-नाश्ते बनाने खिलाने में,
सचमुच सच हुए कुछ बनने के सपने,
बीस साल की नन्ही ज़िंदगी में
तीन नन्हे-मुन्नों की माँ बन के.
फेयर एंड लवली, भोली-भाली, शरमाई सी एक लड़की,
अब अनफेयर-अगली, स्क्रीमिंग-शाउटिंग चिड़चिड़ी माई!

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